Blogging vs YouTube जी हाँ आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन कमाई के ढेरों तरीके हैं, लेकिन उनमें से ब्लॉग पर लेख लिखना जिसे हम ब्लॉगिंग कहते है और दूसरा YouTube पर विडियो पब्लिश करना है. लेकिन इन दोनों के बारे में लोग अक्सर एक सवाल पूछते है कि Blogging में ज़्यादा पैसा है या YouTube में ?

यह तो सब जानते है कि Blogging और YouTube दोनों सबसे ज़्यादा popular और Earning देने वाले प्लेटफ़ॉर्म हैं. इस लेख में आज हम Blogging और YouTube की तुलना करेंगे, जिसमे आपको इन दोनों के कमाई के तरीकों, मेहनत, समय, रिस्क और Long Term Potential तक के बारे में जानकारी मिलेगी.
Starting
यदि शुरुआत की बात करते है तो Blogging vs YouTube दोनों platform पर काम शुरू करना आसान हैं लेकिन इसमें कुछ फर्क है जिन्हें आपको समझना चाहिए:
Blogging
- इसमें आपको एक domain name और hosting लेनी होती हैं.
- WordPress, Blogger या फिर Wix जैसे platform पर blog बनाया जा सकता है, लेकिन professional earning के लिए WordPress सबसे अच्छा है.
- शुरुआत में आपको इसमें 2 हजार से लेकर 5 हजार रूपये सालाना तक खर्च करने पड़ सकते है.
- आपको कंटेंट लिखने, SEO (Search Engine Optimization) और साइट डिजाइनिंग की बेसिक समझ होनी चाहिए.
YouTube
- इसमें आपको एक Gmail अकाउंट और कैमरा या स्मार्टफोन भी चलेगा, होना चाहिए.
- YouTube पर चैनल बनाना Free है.
- Editing के लिए Mobile Apps या PC Softwares का इस्तेमाल किया जा सकता है.
- इसमें आपको शुरू में कोई भी पैसा खर्च करने की जरुरुत नहीं होती हैं.
- Video Shooting, Editing और Thumbnail बनाना आपको आना चाहिए.
Earning के तरीके
Blogging vs YouTube दोनों प्लेटफ़ॉर्म पर earning करने के कई तरीके हैं. जिनमे नीचे कुछ प्रमुख तरीके है:
Blogging से कमाई
- Google AdSense – ब्लॉग पर प्रकाशित आर्टिकल पर Ads दिखाकर.
- Affiliate Marketing – प्रोडक्ट का लिंक देकर कमीशन बनता हैं.
- Sponsored Posts – कंपनियों से पैसा लेकर उनके बारे में किसी लेख में लिखना होता हैं.
- Digital Products – eBook, Courses, Templates आदि को बनाकर बेचना आदि.
- Freelance Services – Content Writing, SEO Services प्रोवाइड करना.
YouTube से कमाई
- YouTube Partner Program (Adsense) – वीडियो पर youtube की तरफ से Ads से.
- Sponsorship – ब्रांड से प्रमोशन का पैसा मिलता हैं.
- Affiliate Links – वीडियो description में प्रोडक्ट लिंक देकर कमीशन मिलता हैं.
- Merchandise – अपने ब्रांड के कपड़े, प्रोडक्ट बेचना आदि.
- Paid Promotions – Paid वीडियो बनाना.
Earning Potential
Blogging vs YouTube दोनों ही प्लेटफार्म पर आपको लगातार काम करना होगा. इसके अलावा नियमित रूप से लिखना या विडियो डालना होगा और Consistency इसमें सबसे बड़ा फैक्टर है. जिससे आप लगातार आगे बढ़ते है. लेकिन औसत आय की बात करें तो:
| Time-Frame | Blogging (Average) | YouTube (Average) |
|---|---|---|
| 6 महीने | 0-5K | Min – 1000 Subs+4K Watch time |
| 1 साल | 5K-50K/Month | 10K – 100K/Month |
| 3 साल+ | 50K- 200K/Month | 100K-500K/Month |
Time Investment
Blogging vs YouTube दोनों ही प्लेटफार्म की समय को लेकर अलग-अलग Demand है. इसको हम नीचे आसानी से समझेंगे:
- Blogging – किसी भी Article या लेख को लिखने में रिसर्च करना होता है. इसके बाद उसको लिखना और फिर उसका SEO करना. इस तरह से इस पूरी process में 3–6 घंटे लग सकते हैं.
- YouTube – विडियो शूट करना, एडिटिंग करना और फिर फाइनल करने में इस पूरी प्रोसेस में 5–10 घंटे लग सकते हैं.
Risk और निर्भरता
- Blogging: इसमें हमें कुछ हद तक गूगल के Algorithm और SEO पर निर्भर रहना पड़ता है. लेकिन एक बार अगर हमारा कोई आर्टिकल Rank कर गया तो फिर उससे हमें महीनो से लेकर कुछ सालो तक पैसा आता रहेगा.
- YouTube: यहाँ पर भी Algorithm का ही रोल होता है. अगर Algorithm और trend के अनुसार हमारी विडियो अच्छा कर रही है और उसके हिसाब से वह उसके पैमाने में फिट है तो वह बहुत अच्छा करती है. ऐसे में वीडियो वायरल भी होती है लेकिन views गिरते ही income भी गिरने लगती हैं.
Stable vs Viral ?
बात अगर Stable vs Viral की करें तो Blogging vs YouTube दोनों में ही अलग-अलग चीजें काम करती है.
- Blogging – ब्लॉगिंग में जहाँ पर growth बहुत धीमी होती है. लेकिन एक बार traffic आना शुरू हो गया तो फिर इसकी income stable हो जाती हैं. क्योंकि इसमें एकदम से उतार-चढ़ाव की स्थिति जल्दी से नहीं देखी जाती हैं.
- YouTube – यहाँ पर वीडियो के वायरल होने का chance ज्यादा होता है . लेकिन viral होने के फायदे के साथ ही यह नुकसान भी होता है कि यहाँ पर trend बदलते ही एकदम से views में भी जबरदस्त गिरावट देखने को मिलती हैं.
किसे चुनना चाहिए ?
- अगर आपको लिखने में मज़ा आता है, research पसंद है और passive income चाहिए तो Blogging को चुनें.
- अगर आपको कैमरे के सामने आना, खुलकर बोलना और Visual Content बनाना पसंद है तो YouTube को चुनना चाहिए.
- लेकिन अगर आप दोनों कर सकते हैं तो फिर सबसे ज़्यादा Income Potential हो जाता हैं. क्योंकि फिर आप दोनों प्लेटफार्म से कमाई कर सकते हैं.
सबसे अच्छा तरीका
यदि आपके पास समय है और आप Blogging vs YouTube दोनों को एक साथ मैनेज कर सकते है तो Blogging या सिर्फ YouTube करने के बजाय दोनों को साथ में करना सबसे अच्छा है. ऐसे में आप ब्लॉग पर आर्टिकल लिखें और उसी टॉपिक पर YouTube वीडियो बनाएं.
इससे आपको दोनों प्लेटफार्म पर खुद को आजमाने और काम करने का मौका मिलेगा और आप दोनों कपर सही से काम करना भी सीख जाएंगे. इसके अलावा आपको आय होगी तो यह भी जानकारी रहेगी की किस चीज़ से आपको ज्यादा आय हो रही है और किससे कम होती हैं. इससे आपका अनुभव बढेगा.
निष्कर्ष
Blogging vs YouTube की बात करें तो दोनों में Potential भरा हुआ है. बस आपको सही समय का लाभ उठाते हुए इससे पैसा कमाना चाहिए. Youtube में जहाँ पर आपको short-term growth देखने को मिलती है, blogging में long-term में passive income मिलती रहती हैं.
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Passive Income वो आय या कमाई होती हैं जो आपको लम्बे समय तक मिलती रहती हैं. इससे आपको नौकरी या अन्य कोई काम करने की आवश्यकता नहीं होती हैं. क्योंकि यह आप नौकरी और व्यापार से भी ज्यादा पैसा बनाकर देती हैं.
इसलिए अगर आप Online Earning शुरू करना चाहते हैं, तो अपनी Skill और Interest के हिसाब से चुनें, और अगर संभव हो तो Blogging vs YouTube दोनों को साथ लेकर चलें. लेकिन अगर आप किसी एक को लेकर चलना चाहते है तो यह देखें की आपकी प्राथमिकता किस चीज़ को शुरू करना है. जिसमे आपका interest हो फिर आप उसके साथ ही जाएं.