Mutual Fund के फायदे नुकसान और Invest का Time

Mutual Fund अपने पैसे को निवेश करने का ही एक तरीका हैं. इसमें इकठ्ठा हुए पैसे को एक पोर्टफोलियो में निवेश किया जाता है. इस पोर्टफोलियो को एक experience और professional fund manager के द्वारा मैनेज किया जाता हैं. जो निवेशकों के लिए अच्छा रिटर्न देने का प्रयास करता हैं.

Mutual Fund के फायदे नुकसान और Invest का Time

Mutual फण्ड एक तरह का संचित निवेश होता है जिसे pooled investment कहा जाता हैं. इसमें अलग-अलग तरीके की securities जैसे कि shares, bonds, debentures आदि होते हैं उनमे invest किया जाता हैं.

Mutual Fund क्या हैं ?

म्यूचुअल फंड उन लोगों के लिए एक बेहतर विकल्प है जो लोग शेयर मार्किट में निवेश तो करना चाहते है लेकिन इसमें पैसा लगाने से डरते हैं. इसमें professional fund managers निवेशकों के लिए research और analysis करके पैसा invest करते हैं.

यह एक तरह का indirect stock market में investment होता हैं. यह long-term और short-term दोनों उद्देश्यों की पूर्ति करता हैं.

म्यूचुअल फंड कैसे काम करता हैं

Mutual fund किस तरह से काम करता है. इसके बारे में नीचे step by step जानकारी दी गई हैं:

  1. Collect Money from Investors – म्यूचुअल फंड में लोग सबसे पहले अपना पैसा invest करते हैं.
  2. Manage by Fund Manager – एक अनुभवी fund manager की देख-रेख में इस पैसे को अलग-अलग तरह के स्टॉक आदि में लगाया जाता हैं.
  3. Diversification – Risk को कम करने के लिए fund को अलग-अलग sectors और companies में invest किया जाता हैं.
  4. NAV (Net Asset Value) – Mutual fund की एक unit होती हैं जो की एक निश्चित कीमत के बदले निवेशकों को दी जाती हैं. इसका मूल्य दिन-प्रतिदिन बदलता रहता हैं.
  5. Return – Fund में invest किये गए पैसे के उपर जो भी profit होता हैं उसको investors में बाँट दिया जाता है या reinvest किया जाता हैं.
  6. Exit और Redemption – जब निवेशक अपना पैसा निकालना चाहता है तो उस fund की NAV वैल्यू के अनुसार पैसे का भुगतान किया जाता हैं.

Types of Mutual Fund

Mutual fund कई प्रकार के होते है जो Investors की आवश्यकता और उनके Risk पर भी निर्भर करते हैं, जैसे कि:

  1. Equity म्यूचुअल फंड – यह fund मुख्य रूप से Share Market में invest करते है और ज्यादा risk के साथ ज्यादा ही return देते हैं.
  2. Debt म्यूचुअल फंड – ये fund मुख्य रूप से bonds और fixed-income securities में invest करते हैं, जो कम risk वाले होते हैं.
  3. Hybrid Mutual Funds – यह fund equity और debt दोनों का मिला-जुला रूप होते हैं, ये moderate risk और balanced return प्रदान करते हैं.
  4. Index Funds – यह किसी specific stock index जैसे कि, Nifty 50 या फिर Sensex को follow करते हैं.
  5. ELSS (Equity Linked Savings Scheme) – यह एक tax saving म्यूचुअल फंड हैं जो 3 साल के lock-in period के साथ आते हैं.
  6. Liquid Funds – Short-term और emergency के लिए एकदम सही fund जो fixed income securities में invest करते हैं.
  7. Sectoral Funds – यह funds किसी एक विशेष sector जैसे कि, technology, pharma, banking आदि में invest करते हैं.
  8. Thematic Funds – यह किसी विशेष theme जैसे कि: technology, health care, infrastructure, international markets या green energy पर केन्द्रित होते हैं.

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म्यूचुअल फंड में Invest करने के फायदे

  1. Professional Management – इसमें Fund manager आपके पैसे को अच्छे से समझकर, मार्किट को देखकर , उसकी गणना करके , बाजार से आपको अधिक फायदा कैसे हो इसका मैनेजमेंट खुद देखते है. इसमें आपको सोचने की ज्यादा आवश्यकता नहीं होती हैं.
  2. Diversification – Risk को कम करने के लिए अलग-अलग तरह से Invest किया जाता हैं.
  3. Liquidity – Mutual fund को कभी भी withdraw किया जा सकता हैं सिर्फ कुछ प्रकार के funds को छोड़कर.
  4. SIP (Systematic Investment Plan) – इसमें आप छोटी राशि के साथ भी निवेश कर सकते हैं. जैसे की 100 रूपये से भी आप शुरू कर सकते हैं.
  5. Tax Benefit – ELSS जैसे म्यूचुअल फंड पर आपको tax बचाने की सुविधा भी मिलती हैं.
  6. Transparency – म्यूचुअल फंड companies अपने निवेशकों को फण्ड से जुडी सभी जानकारी देती है.
  7. Compounding Benefit – म्यूचुअल फंड में long-term invest करने पर compounding का अधिक फायदा मिलता हैं.
  8. Automatic Portfolio Rebalancing – Professional fund managers market की स्थिति को देखकर fund को adjust करते हैं.

Mutual Fund में निवेश करने के नुकसान

  1. Market Risk – Share market के गिरने पर mutual fund का NAV value भी नीचे की और गिर सकता हैं.
  2. Expense Ratio – Fund Manage करने के लिए होने वाले खर्चे और इससे जुड़े अन्य प्रकार के खर्चे.
  3. Lock-in Period – ELSS जैसे funds में invest एक निर्धारित समय से पहले नहीं निकाला जा सकता हैं.
  4. Exit Load – कई बार fund से अपना पैसा जल्दी निकालने पर आपको penalty या फिर exit load लग सकता हैं. जिससे आपका लाभ कम होता हैं.
  5. Over-diversification – कभी-कभी ज्यादा diversification करने से return कम हो जाता हैं. इससे profit घट जाता हैं.

म्यूचुअल फंड में Invest करने के उद्देश्य

  1. Long-term wealth creation – Future के लिए पैसे को जोड़कर रखना.
  2. Short-term savings – कम समय के लिए पैसे को जोड़कर रखना.
  3. Retirement planning – भविष्य में अपनी financial stability को बनाकर रखने के लिए.
  4. Education और Marriage Planning – शिक्षा पूरी करने और शादी आदि बड़े खर्चों के लिए भी इसमें निवेश किया जाता हैं.
  5. Tax Saving – ELSS funds के द्वारा tax बचा सकते हैं.
  6. Passive Income Generation – कुछ funds आपको regular dividend भी देते हैं जो आपके लिए Passive Income का काम करते हैं.
  7. Financial Freedom – आप म्यूचुअल फंड में निवेश करके खुद को मजबूत स्थिति में ला सकते हैं. क्योंकि इससे आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी होती हैं..

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म्यूचुअल फंड Withdraw कब करें ?

  1. Financial Goal – जब आपका निर्धारित लक्ष्य या Goal पूरा हो रहा हो या फिर जिस चीज़ के लिए आपने invest किया हो और जितने पैसे की वो चीज़ हो उतने पैसे आपके फण्ड में हो तो आपको पैसे निकाल लेने चाहिए.
  2. Market Conditions – Market अगर ऊंचाई पर है और आपको फायदा मिल रहा है और आपको लगता है कि कुछ समय बाद मार्किट नीचे जा सकता है और तब आपको पैसे की जरूरत होगी या फण्ड पूरा होगा तो देर न करे और इसी समय पैसे निकाल लें.
  3. Emergency Situations – यदि आपको एकदम से पैसे की जरुरुत है तो आपको लोन लेने की बजे अपने Mutual fund से पैसे को निकाल लेना चाहिए. इसमें आपको कोई ब्याज नहीं देना होता हैं.
  4. Fund Performance – अगर आपका म्यूचुअल फंड अच्छा perform नहीं कर रहा है और आगे जाकर वह अच्छा करता है तो रुकें अन्यथा उसमे से पैसे को निकाल ले और किसी दूसरी जगह पर पैसा इन्वेस्ट करें.
  5. Tax Implications – Capital gains tax का ध्यान रखकर ही withdraw करें.

Conclusion

Mutual funds एक लोकप्रिय और लाभदायक Investment करने का तरीका हैं. इसमें अलग-अलग तरह से पैसे को निवेश किया जाता हैं. यह इस तरह से बनाये जाते है कि हर निवेशक की जरूरत को पूरा किया जा सकें. लेकिन इसमें invest करने से पहले financial goals और risk factor को देखना भी जरुरी हैं.

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अच्छी तरह से सोच-समझकर निवेश करने से म्यूचुअल फंड से अच्छा return प्राप्त कर सकते हैं. लेकिन अगर आप जल्दबाजी में गलत फण्ड में अपने पैसे को लगा देंगे तो उससे आपको फायदे की बजे नुकसान ही होगा. ऐसे में समय के साथ एक सही फण्ड का चुनाव करें जो आपको बेहतरीन लाभ दे और आप financial freedom को प्राप्त कर सकें.

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